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समझ लेना राम राज्य आ गया(( स्तुति स्नेह प्रेमचंद द्वारा *राघव गाथा अंश*))

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आज जन्मदिन है जिनका

आज जन्मदिन है इनका, आए इनके जीवन मे सदा बहार मिले खुशी,सफलता,सुख,समृद्धि  और मिले हम सब का प्यार *रोहिल्लास* और *कुमार्स* की नन्ही कली तुम, तुमसे घर का आँगन गुलज़ार करते थे,करते है,करते रहेंगे  तुम्हे प्यार हम सब बेशुमार कबूल करो आज दुआएँ हमारी, देखो दुआओं से सज रहा संसार मनहर तुम्हारी मोहिनी सूरत, लगते अति सुंदर दीदार करता है मन करें प्रकट, ऊपरवाले का आभार आई जो तुम आँगन में हमारे, समा हो गया है गुलज़ार महकती रहना,चहकती रहना, प्रेम ही हो जीवन का आधार समय तो निश्चित रूप से लेगा  लाडो अँगड़ाई,  पर कभी पनपे न कोमल चित्त में   तेरे कोई भी विकार हमारी जान की जान हो तुम निभाना उत्तम अपना हर किरदार ओ मेरी लाडो बिटिया रानी, खिले ऐसा पौधा मन मे तुम्हारे, जाने जो करुणा,सहयोग, अहिंसा और परोपकार लम्हा लम्हा बीत गए बरस 16 *ब्यूटी विद ब्रेन* तेरे व्यक्तित्व का सार मैं ही नहीं प्रकृति भी दे जाए तुझे तेरे जन्मदिन पर उपहार *धरा* दे जाए धीरज अपना *अम्बर* अन्नत ऊंचाई का गहन विस्तार *पर्वत* दे जाए अडिगता अपनी *पवन *गति से करवाए साक्षात्कार *सागर*दे जाए गह...

राम ही राम पुकारेंगे

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हो गहन राम की जब अनुभति(( स्तुति स्नेह प्रेमचंद द्वारा राघव गाथा अंश))

लहर नाम राम की

बिखरे नहीं निखरे सदा राम(( स्तुति स्नेह प्रेमचन्द द्वारा राघव गाथा अंश))