Skip to main content

Posts

गुण और अवगुण रावण के

Recent posts

उपलब्धियां बताती हैं

उपलब्धियां बताती हैं  कि प्रयास कितनी शिद्दत से किए गए होंगे सिद्धि बताती है संकल्प कितना दृढ़ होगा क्या कुछ नहीं कर सकते प्रयास?? आम को बना सकते हैं अति अति खास निखार आ ही जाता है गर निरंतरता से किया गया होता है अभ्यास कद लंबा तन का ही नहीं आपके मन का भी है जो सोचते हो,कर देते हो, यूं हीं करते रहना अपना विकास प्रतिभा को निश्चित रूप से मिलना चाहिए प्रोत्साहन, महकते रहना अपनी सफलता से यूं हीं जैसे सुमन में होती है सुवास खेल करते हैं हमारा शारीरिक और बौद्धिक विकास सिद्धार्थ ने सिद्ध कर दिया अपने सार्थक प्रयासों से,  कर्मठता ही धरा पर रह कर छू सकती है आकाश यूं हीं आगे बढ़ते जाना,कीचड़ में कमल से खिलते जाना,बढ़ता रहे आपके जीवन में सकारात्मकता का प्रकाश

रावण की पाती

त्रेता युग में

सबसे नाता है श्री राम का

राम सिर्फ एक नाम नहीं

अति कठिन है होना राम